Home डॉ. दीपक आचार्य अपने आपको देखें

अपने आपको देखें

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अब हमारे चारों तरफ ऎसे-ऎसे लोगों की भीड़ छायी रहने लगी है जिसका हर काम और सोच विचित्र और विलक्षण है और इसी अनुपात में इनकी हरकतें और व्यक्तित्व भी विचित्रताओं से भरे हुए हैं। रोजमर्रा की जिन्दगी में हम कितने ही लोगों से मिलते हैं या उनके दर्शन पाते हैं। इनमें कभी किसी से मिलना अच्छा और किसी से बुरा लगता है। ऎसे लोगों के श्वेत श्याम इतिहास के
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