Home डॉ. दीपक आचार्य आवारा हूँ …..

आवारा हूँ …..

188
0
आजकल हर कहीं आवारा या लावारिश मवेशियों की चर्चा होती है और इन पर प्रतिबंध की बातें अक्सर छायी रहने लगी हैं। एक बात अच्छी तरह समझ लेनी चाहिए कि इस देश में कोई लावारिश नहीं है। जिस ईश्वर ने उसे धरा पर भेजा है वह उन सबका वारिस है। वही परमपिता सभी का है फिर चाहे वह आदमी हो या मवेशी या और कोई। पाश्चात्य अप-संस्कृति में रमे रहने
Existing Users Log In
   
New User Registration
*Required field