Home देश उत्तराखंड बरात ले जाने में जिंदगी का दांव, फिर विदा हुई दुल्हन

बरात ले जाने में जिंदगी का दांव, फिर विदा हुई दुल्हन

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(जी.एन.एस) ता 15 पिथौरागढ़ यह कहानी उन दो गांवों की है जो जुनून और जिद की मिसाल बन गए। इनका इरादा गांवों के बीच रोटी-बेटी का रिश्ता बनाने की थी। इरादों के आड़े आ रही थी दोनों गांवों के बीच पूरे वेग से बहती गोरी नदी। नदी पार करने के लिए काफी दूर एक गरारी पुल (रस्सी के सहारे चलने वाली ट्राली) के सिवा और कोई रास्ता नहीं। हौसले ऐसे