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जालौन:संक्रमित मरीज अपने कांटेक्ट ट्रेसिंग की दें जानकारी

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कांटेक्ट ट्रेसिंग कर संक्रमण का फैलाव रोका जा सकता है जालौन-कोरोना संक्रमित निकलने वाले मरीज अपने कांटेक्ट ट्रेसिंग की सही जानकारी दें ताकि उनके संपर्क में आने वालों की जांच हो सके। इससे न सिर्फ संक्रमण की रोकथाम में मदद हो सकेगी। बल्कि दूसरों को भी संक्रमित होने से रोका जा सकेगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ ऊषा सिंह का कहना है कि संक्रमितों की जांच के लिए दो तरह का काम हो रहा है। एक तो पूल टेस्टिंग हो रही है तो दूसरी ओर से संक्रमित मिलने वाले मरीजों की कांटेक्ट ट्रेसिंग कर उनसे होने वाले संक्रमण का पता लगाया जा रहा है। इसके लिए बकायदा स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की टीम लगा दी गई है। जो रोजाना करीब 200 मरीजों से बात करके उनकी कांटेक्ट ट्रेसिंग करती है। टीम संक्रमितों से बात करके उनकी कांटेक्ट ट्रेसिंग हिस्ट्री का पता लगाती है और उनसे इलाज के बारे में भी जानकारी लेती है। टीम उनसे यह भी पूछताछ करती है कि वे कहां से आए है। क्या काम करते हैं। संक्रमित होने के बाद किस तरह का इलाज ले रहे है। कोविड अस्पताल में भर्ती है या होम आइसोलेशन का लाभ ले रहे हैं। कांटेक्ट ट्रेसिंग के दौरान मरीजों से पूछा जाता है कि उनके संपर्क में आने वाले सभी ने जांच करा ली है या नहीं। यदि नहीं कराई है तो उनकी जानकारी दें ताकि उनकी भी जांच कराकर संक्रमण का फैलाव रोका जा सके। यही नहीं टीम के सदस्य उन्हें दवा के बारे में भी बताते है। उन्हें यह भी समझाते है कि वह मास्क लगाकर रखे, सामाजिक दूरी का पालन करें और हाथ साबुन और सैनिटाइजर से धोते रहे। सीएमओ ने बताया कि मरीजों को जिला स्तरीय हेल्प लाइन नंबर 05162-252516 के बारे में भी बताया जाता है ताकि जरूरत पर वह हेल्पलाइन नंबर की मदद ले सके। उन्होंने बताया कि फोन पर कांटेक्ट ट्रेसिंग के बाद रैपिड रेस्पांस टीम (आरआरटी) के माध्यम से संक्रमितों के संपर्क में आए मरीजों के भी सैंपल लिए जाते हैं।
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