तीन महीने तक गंगा साफ़, उसके बाद के लिए कौन जिम्मेदार
(जी.एन.एस.) ता. 18 कानपुर। गंगा स्वच्छता के बहाने पानी पर मलाई जमाते रहे अधिकारी एक बार फिर टेनरियों के डिस्चार्ज में ही अपनी कारगुजारियों के ‘पाप‘ धोना चाहते हैं। उनकी ही कार्रवाई उनके लिए कठघरा बन रही है और सवाल उठ रहा है कि यदि टेनरियों की वजह से ही गंगा प्रदूषित हो रही हैं तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित निगरानी में लगे रहने वाले एक दर्जन विभाग करते क्या