मीजल्स-रूबेला के खिलाफ जंग में दून, हरिद्वार फिसड्डी
(जी.एन.एस) ता 17 देहरादून जिस राजधानी से पूरे प्रदेश में व्यवस्थाओं का संचालन किया जाता है, वहीं अगर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने वाले अनिवार्य कार्यक्रम पिछड़ने लगें तो इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा। हम बात कर रहे हैं खसरा रूबेला (एमआर) टीकाकरण अभियान की। प्रदेश की अस्थाई राजधानी देहरादून और हरिद्वार इसमें फिसड्डी साबित हुए हैं। हरिद्वार जिले में लक्षित बच्चों में से अभी केवल 17.27 प्रतिशत टीकाकरण किया गया