यहां के युवा प्राकृतिक जल स्रोतों को सहेज कर बुझा रहे पहाड़ों की प्यास
(जी.एन.एस) ता. 15 कोटद्वार उत्तराखंड का पर्वतीय क्षेत्र भले ही प्राकृतिक जल स्रोतों से परिपूर्ण हो, लेकिन कभी भी इनके संरक्षण की कवायद नहीं हुई। अफसर और नेता मंचों से प्राकृतिक जल स्रोतों को बचाने के दावे जरूर करते हैं, लेकिन दावों की हकीकत सिफर ही रही है। उत्तराखंड राज्य गठन के दौरान कुछ विभागों ने जरूर वर्षा जल संरक्षण सहित ऐसी ही अन्य योजनाओं पर कार्य किया, लेकिन जिस