बांध बनेगा उत्तराखंड में, क्षतिपूर्ति को दूसरे राज्यों में उगाएंगे जंगल
(जी.एन.एस.) ता 14 देहरादून। इसे विडंबना नहीं कहें तो फिर क्या कहें, देश को स्वच्छ पर्यावरण उपलब्ध कराने के लिए वनावरण को संजोने वाले उत्तराखंड के पास अब और वन लगाने के लिए भूमि नहीं बची है। आलम यह है कि देश के तकरीबन पांच राज्यों को सिंचाई व बिजली का लाभ देने के लिए भारत-नेपाल सीमा पर प्रस्तावित पंचेश्वर बांध की जद में आने वाले पेड़ों की प्रतिपूर्ति के