पुलिस से उठता विश्वास,खतरे की घन्टी
पूरे देश में पुलिस के प्रति जनता का नजरिया बहुत तेजी से बदल रहा है। रेल पर सुरक्षा वाली पुलिस सुरक्षा छोडकर किस काम मे जुटी है यह रेल यात्री अच्छे से समझते है। आम पुलिस का हाल बुरा है। थानें में डरा सहमा व्यक्ति जब फरियाद लेकर पहुचता है तो पुलिस की भाषा ही अलग होती है। यातायात पुलिस यातायात सुधारने की जगह हेल्मेट और वसूली में जुटी है।