- उपराष्ट्रपति ने पूर्व सीएजी विनोद राय द्वारा संपादित पुस्तक ‘व्हेन ऑडिट मैटर्स’ का विमोचन किया
- राष्ट्रपति आदेश 1950 को निरस्त करने की मांग
- जनजातीय कार्य मंत्रालय और ट्राईफेड ने जनजातीय वस्त्रों, कढ़ाई और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए विशेष आरआईएसए स्टोर का शुभारंभ किया
- राजस्थान आवासन मंडल की 255वीं बोर्ड बैठक: आमजन के लिए किफायती आवास और विकास योजनाओं को मिली हरी झंडी
- अलवर में निर्बाध बिजली और पानी के लिए वन राज्यमंत्री गंभीर: अधिकारियों को ‘अलर्ट मोड’ पर रहने के निर्देश
- गोण्डा – डीआईजी ने बहराइच में परीक्षा केंद्रों का किया निरीक्षण
- गोण्डा – तेज-तर्रार पुलिसिंग पर सवालिया निशान,लाशें पूछ रहीं पुलिस से अपनी पहचान
- गोण्डा – मण्डलायुक्त संध्या संवाद कार्यक्रम के तहत 23 को करेंगी जनसुनवाई
Author: Ganesh Narayan Sharma
जयपुर, 4 जून। राजस्थान सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के वर्ष 2025 बैच के 7 प्रशिक्षु अधिकारियों को सहायक कलेक्टर (Assistant Collector) के पद पर तैनात किया है। राज्य सरकार ने यह नियुक्तियां राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 20 के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए की हैं। इस संबंध में कार्मिक विभाग द्वारा आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। इन सभी युवा अधिकारियों को राज्य के अलग-अलग महत्वपूर्ण जिलों में फील्ड ट्रेनिंग और प्रशासनिक कामकाज संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। इन जिलों में मिली कमान: नियुक्ति…
जयपुर, 04 जून। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सेवाओं को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और सुदृढ़ बनाने के लिए जयपुर जिला प्रशासन ने एक विशेष पहल शुरू की है। जिला कलक्टर संदेश नायक के निर्देशानुसार, जिले के चयनित गांवों में जिला प्रशासन, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के संयुक्त दल द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यों का सघन और व्यापक निरीक्षण किया जा रहा है। इस निरीक्षण अभियान से जमीनी हकीकत का आकलन कर एक व्यापक ‘डिस्ट्रिक्ट इम्प्रूवमेंट प्लान’ (जिला सुधार योजना) तैयार किया जाएगा, जिससे ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके। योजनाओं की प्रगति…
जवाहर बुर्ज के सौंदर्यकरण और जेठाना की ऐतिहासिक धरोहर के पुनरुत्थान के लिए दिए दिशा-निर्देश; मौके पर ही सुलझाए कई मामले जयपुर, 04 जून। आमजन की समस्याओं के त्वरित और संवेदनशील समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही मुहिम के तहत पर्यटन विभाग की आयुक्त रूक्मणि रियार ने बुधवार को शासन सचिवालय स्थित ‘राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181)’ कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पर्यटन विभाग से जुड़े विभिन्न प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने स्पष्ट किया कि संपर्क पोर्टल पर दर्ज होने वाली शिकायतों का…
ऊर्जा विभाग की उच्चस्तरीय बैठक में दिए निर्देश; बिजली खरीद 8% से घटकर मात्र 2% पर आई जयपुर, 04 जून। राजस्थान को बिजली के क्षेत्र में अग्रणी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार ने प्रयासों को तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि प्रदेश को वर्ष 2027 तक बिजली के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना सरकार का मुख्य लक्ष्य है। इसके लिए ऊर्जा विभाग विद्युत उत्पादन और प्रसारण के क्षेत्र में कुशल प्रबंधन के साथ काम करे। उन्होंने स्पष्ट किया कि थर्मल, हाइड्रो, सोलर और विंड जैसे सभी माध्यमों का प्रभावी उपयोग कर किसानों,…
मुख्य बिंदु: पुष्कर/अजमेर। राज्य सरकार द्वारा जल संकट से निपटने और पारंपरिक जल स्रोतों के पुनरुद्धार के लिए चलाए जा रहे ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ के तहत ग्राम खोरी में एक विशाल श्रमदान एवं स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ग्राम स्थित ऐतिहासिक वैद्यनाथ महादेव मंदिर परिसर और उसके आसपास के जल स्रोत क्षेत्रों में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने भारी उत्साह के साथ भाग लिया। श्रमदान से संवरे जल स्रोत, हटाया टन कचरा स्वच्छता कार्यक्रम की शुरुआत मंदिर परिसर और प्राचीन जल स्रोतों के आसपास बिखरे प्लास्टिक, सूखे पत्तों और कचरे…
कोटा/जयपुर, 3 जून 2026। चम्बल रिवर फ्रंट पर गत 25 मई को शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर द्वारा मां चम्बल की आरती, दीपदान और भव्य कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ अब कोटा जिले में एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है। अभियान के तहत ब्लॉक, ग्राम पंचायत और शहरी वार्ड स्तर तक आमजन को जोड़कर जल संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है। शहरों और गांवों में सामूहिक जल शपथ, संकल्प, तालाबों-बावड़ियों की सफाई और श्रमदान के जरिए जनता की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। बुधवार को कोटा जिला…
जयपुर, 3 जून। राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को मजबूत करने और ग्रामीणों को उनके घर पर ही बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सहकारिता विभाग ने एक बड़ी पहल की है। ‘सहकार से समृद्धि’ अभियान के तहत अब राज्य की ग्राम सेवा सहकारी समितियों (पैक्स) और प्राथमिक डेयरी सहकारी समितियों के माध्यम से फिनटेक (Fintech) आधारित डोर-स्टेप बैंकिंग सेवाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। सहकारिता विभाग के शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां डॉ. समित शर्मा ने बुधवार को शासन सचिवालय में राजस्थान राज्य सहकारी बैंक के अधिकारियों की ‘टू-डू लिस्ट’ की समीक्षा की।…
जयपुर, 23 मई 2026: राजस्थान में पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय जैव विविधता को बचाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। शासन सचिवालय स्थित पंचायती राज सभागार में पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में विलायती बबूल (जूलिफ्लोरा) के संपूर्ण उन्मूलन को लेकर गंभीर मंथन किया गया। बैठक में वन मंत्री संजय शर्मा और पंचायती राज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी भी उपस्थित रहे। जैव विविधता और जल संरक्षण के लिए उन्मूलन जरूरी बैठक को संबोधित करते हुए पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विलायती बबूल…
जयपुर, 23 मई 2026: राजस्थान में NEET UG-2026 परीक्षा के निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित आयोजन को लेकर राज्य सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शनिवार को शासन सचिवालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा 21 जून 2026 को आयोजित होने वाली इस राष्ट्रीय परीक्षा की तैयारियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। राज्य में 611 केंद्रों पर 2.09 लाख परीक्षार्थी देंगे परीक्षा बैठक में उपस्थित एनटीए महानिदेशक (डायरेक्टर जनरल)…
जयपुर, 23 मई। राजस्थान में जल संकट से निपटने और जल स्रोतों के कायाकल्प के लिए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सचिवालय में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में आगामी “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026” की तैयारियों और विभागवार जिम्मेदारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए हैं कि जल संरक्षण को केवल एक सरकारी औपचारिकता न समझा जाए, बल्कि इसे आम जनता की भागीदारी से जोड़कर एक बड़े सामाजिक आंदोलन का रूप दिया जाए। विशेष रूप से उन जिलों में जहां पानी की भारी किल्लत है, वहां इस…
