भोपाल: 25 मार्च 2026
सौरभ शर्मा, विशेष संवाददाता
पीएम राहत (सड़क दुर्घटना पीड़ितों का कैशलेस उपचार) और राहवीर योजना को लेकर स्वास्थ्य विभाग भोपाल ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की। कार्यशाला में जिले के पंजीकृत अस्पतालों को दोनों योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यशाला में पुलिस विभाग की ओर से डीआईजी मोनिका शुक्ला, डीसीपी ट्रैफिक जितेंद्र पवार, एसीपी देवेंद्र यादव, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भारती चौकसे तथा आयुष्मान भारत टीम के डॉ. अंकित परिहार और डॉ. नवीन दीवान ने योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
पीएम राहत योजना:
* सड़क दुर्घटना के प्रत्येक पात्र पीड़ित को दुर्घटना की तारीख से 7 दिनों तक प्रति व्यक्ति 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार मिलेगा।
* साधारण दुर्घटना में अधिकतम 24 घंटे तक गंभीर मामलों में 48 घंटे तक स्टेबलाइजेशन उपचार उपलब्ध रहेगा।
* यह सुविधा एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पुलिस प्रमाणीकरण के आधार पर दी जाएगी।
राहवीर योजना:
दुर्घटना स्थल पर घायल को तुरंत अस्पताल पहुँचाने वाले राहवीर को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। अध्ययनों के अनुसार, यदि दुर्घटना पीड़ित को पहले एक घंटे (गोल्डन आवर) के अंदर अस्पताल पहुँचा दिया जाए, तो लगभग 50% मौतों को रोका जा सकता है। इसी उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि ईआरएसएस 112 हेल्पलाइन के साथ पूर्ण एकीकरण से दुर्घटना पीड़ितों को गोल्डन आवर में अस्पताल पहुँचाना सुनिश्चित किया जाएगा। दुर्घटना पीड़ित, राहवीर या मौके पर मौजूद कोई भी व्यक्ति बस 112 डायल करके निकटतम नामित अस्पताल की जानकारी ले सकता है और एम्बुलेंस मँगवा सकता है। इससे पुलिस, अस्पताल और आपातकालीन सेवाओं के बीच तत्काल समन्वय स्थापित होगा। अब सड़क दुर्घटना में न सिर्फ पीड़ित को तुरंत बेहतर इलाज मिलेगा, बल्कि मदद करने वाले राहवीर को भी सम्मानजनक इनाम मिलेगा।

