सौरभ शर्मा, विशेष संवाददाता, भोपाल: एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल में 2013 बैच के आईएएस अधिकारी प्रियंक मिश्रा ने मंगलवार दोपहर भोपाल जिले के नए जिला कलेक्टर के रूप में पदभार संभाल लिया। उन्होंने कौशलेंद्र विक्रम सिंह का स्थान लिया, जिन्हें मुख्यमंत्री के सचिव पद पर पदोन्नत किया गया है। धार जिले के पूर्व कलेक्टर मिश्रा ने कलेक्टर कार्यालय में औपचारिक रूप से कार्यभार ग्रहण किया। इस तरह वे भोपाल की राजधानी के 35वें कलेक्टर बन गए हैं।
पदभार संभालने के अगले दिन बुधवार को मिश्रा ने मीडिया से पहली बार बातचीत की और पारदर्शी व डेटा आधारित शासन की अपनी विजन रखी। आगामी जनगणना 2027 पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “जनगणना कोई दौड़ नहीं है।” उन्होंने सटीकता और विश्वसनीयता को गति से ज्यादा महत्वपूर्ण बताया। मिश्रा ने कहा, “सही डेटा अत्यंत आवश्यक है। गलत जानकारी पर आधारित नीतियां विकास को दिशा भटका सकती हैं।” उन्होंने बताया कि जनगणना का डिजिटल चरण शुरू हो चुका है और डेटा की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने की चेतावनी दी।
अपने कार्यकाल की प्रमुख प्राथमिकताओं पर प्रकाश डालते हुए नए कलेक्टर ने भोपाल की शान बोझ वेटलैंड (ऊपरी झील) पर अतिक्रमणों की समग्र समीक्षा की घोषणा की। उन्होंने झील को “भोपाल की गौरव” बताया और व्यवस्थित संरक्षण उपायों का आश्वासन दिया। स्कूल शिक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा हो रही है, जिसमें किताबों व वर्दियों का समय पर वितरण तथा निजी स्कूलों में मनमानी की शिकायतों पर ध्यान दिया जाएगा। हितधारकों से विचार-विमर्श के बाद सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
GNS द्वारा राजस्व विभाग में लंबित मामलों के बारे में पूछे जाने पर, जिसमें हालिया विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और आगामी जनगणना में स्टाफ की व्यस्तता शामिल है, कलेक्टर मिश्रा ने विभाग की प्रतिष्ठा पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “यह हमारे विभाग के लिए गर्व की बात है कि चुनाव आयोग जैसी राष्ट्रीय एजेंसियां हम पर भरोसा करती हैं। हमने SIR में अच्छा प्रदर्शन किया और जनगणना में भी हम अपनी मिसाल कायम करेंगे।” लंबित मामलों को लेकर उन्होंने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही ऐसे प्रभावी उपाय किए जाएंगे जिनसे दोनों कार्य कुशलतापूर्वक और जनसंतोष के साथ पूरे हों।
नए कलेक्टर ने सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ आमजन तक तेजी से पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई। कानून-व्यवस्था और अन्य नागरिक मुद्दों को भी डेटा आधारित रणनीति से निपटाने की बात कही। पदभार संभालते ही उन्होंने बैरागढ़ तहसील का दौरा कर रिकॉर्ड जांचा, जो पहले दिन से ही एक्शन ओरिएंटेड दृष्टिकोण दर्शाता है।
धार में अपने कार्यकाल के दौरान समर्पण और परिणाममुखी शैली के लिए जाने जाते हैं मिश्रा का स्वागत अधिकारियों और स्थानीय समुदाय ने किया है। उनकी नियुक्ति मध्य प्रदेश में 26 आईएएस अधिकारियों के बड़े तबादले का हिस्सा है, जो जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों से पहले प्रशासन को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है।
भोपाल के निरंतर विकास के बीच सटीकता, पर्यावरण संरक्षण और कुशल सेवा वितरण पर मिश्रा का जोर रहने से नागरिकों में एक जवाबदेह और सक्रिय प्रशासन की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

