- गोण्डा – तेज रफ्तार की टक्कर से बाइक सवार महिला की मौत, पति और मासूम बेटा घायल
- गोण्डा – मृतक पत्रकार के परिवार को जिलाधिकारी ने दी आर्थिक सहायता
- कैंसर विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में ओज़ोन प्रदूषण पेट और पाचन तंत्र से जुड़ी कैंसर को बढ़ावा दे रहे हैं
- सोब्रानिये 2026: रूस में एमबीबीएस की तैयारी कर रहे भारतीय छात्रों की प्री-डिपार्चर सेरेमनी
- हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक के बाद अब लेग अटैक का खतरा: वैस्कुलर सोसाइटी ऑफ़ इंडिया
- दिल्ली के दिल में सजा देश की लोककला एवं बुनकरों का संसार
- ग्लोबल हीट हेल्थ इंफॉर्मेशन नेटवर्क साउथ एशिया हब ने भारत, नेपाल, बांग्लादेश और भूटान के लिए गर्मी और स्वास्थ्य पर पहले राष्ट्र-स्तरीय आकलन जारी किए
- आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौते (एआईटीआईजीए) की संयुक्त समिति की 15वीं बैठक 6-9 अक्टूबर 2026 के दौरान आयोजित
Author: anandchoudhary
नई दिल्ली स्थित सर गंगा राम हॉस्पिटल और युनाइटेड किंगडम (यू के) का ‘द क्रिस्टी नेशनल हेल्थ सर्विसेज़ फ़ाउंडेशन ट्रस्ट’ मिलकर कोलोरेक्टल और अन्य गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर के इलाज में हुई नई तरक्की पर चर्चा कर रहे हैं। कैंसर विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में ओज़ोन प्रदूषण और PM2.5 पेट और GI कैंसर को बढ़ावा दे रहे हैं; दिल्ली में 15 साल की उम्र के मरीज़ भी G। कैंसर से पीड़ित मिल रहे हैं। नई दिल्ली, हवा में बढ़ते प्रदूषण, जिसमें बारीक कण (PM2.5) और ज़मीन के पास मौजूद ओज़ोन शामिल हैं, ने भारत में कैंसर के जोखिम में पर्यावरण…
नई दिल्ली, रूस एजुकेशन ने नई दिल्ली के रशियन हाउस के साथ मिलकर सोब्रानिये 2026 – प्री-डिपार्चर सेरेमनी का आयोजन किया, जिसमें मेडिकल की पढ़ाई के लिए रूस जाने से पहले 300 से ज़्यादा भारतीय छात्र और उनके माता-पिता एक साथ आए। यह सेरेमनी 2026-27 एकेडमिक सेशन के लिए रूस की बड़ी मेडिकल यूनिवर्सिटी में अपना एमबीबीएस प्रोग्राम शुरू करने की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए एक अहम प्री-डिपार्चर माइलस्टोन था। इस सेरेमनी में रशियन हाउस, हेल्थकेयर और एजुकेशन सेक्टर के जाने-माने प्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें रशियन हाउस के प्रतिनिधि अनार इसेव शामिल थे, डॉ. संजीव के. सिंह, मेडिकल…
नई दिल्ली : भारत में स्क्रीन देखने का बढ़ता चलन युवाओं के लिए वैस्कुलर हेल्थ (रक्त वाहिकाओं से जुड़ी सेहत) की एक नई चुनौती पैदा कर सकता है। वैस्कुलर विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऑनलाइन गेमिंग, ओटीटी प्लेटफॉर्म पर लगातार शो देखने, ऑनलाइन पढ़ाई और लंबे समय तक कंप्यूटर के इस्तेमाल के दौरान घंटों बैठे रहने से पैरों की हलचल और नसों में खून का बहाव कम हो सकता है, जिससे डीप वेन थ्रोम्बोसिस (DVT) जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। यह चेतावनी VSI-ASVS 2026 के दौरान दी गई, जो 8 से 10 अक्टूबर, 2026 तक नई दिल्ली के एयरोसिटी स्थित…
नई दिल्ली स्थित कनॉट प्लेस में ‘दशहरा महोत्सव 2026’ का भव्य आगाज़। स्टेट एम्पोरिया कॉम्प्लेक्स में 19 अक्टूबर तक चलेगा 12 दिवसीय मेला। कश्मीरी पश्मीना से लेकर बनारसी साड़ियों के स्टॉलों पर उमड़ रही भारी भीड़। मिथिला पेंटिंग, नक्काशीदार काष्ठ-शिल्प के सजावटी सामान बने मुख्य आकर्षण। नई दिल्ली: त्योहारी मौसम के आगाज़ के साथ ही राजधानी दिल्ली की धड़कन कहे जाने वाले बाबा खड़क सिंह मार्ग स्थित ‘स्टेट एम्पोरिया कॉम्प्लेक्स’ में भारतीय संस्कृति, कला और हथकरघा के अनूठे संगम का रंग बिखर गया है। आना हैंडलूम्स के तत्वावधान में आयोजित 12 दिवसीय भव्य ‘हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट मेला – दशहरा महोत्सव…
अभूतपूर्व अल नीनो के मजबूत होने के बीच भारत, बांग्लादेश, नेपाल और भूटान गर्मी और स्वास्थ्य के मुद्दे पर एक साथ आए: ग्लोबल हीट हेल्थ इंफॉर्मेशन नेटवर्क साउथ एशिया हब। कभी मैदानी इलाकों में केंद्रित रही गर्मी अब ऊपर चढ़कर हिमालयी देशों नेपाल और भूटान तक पहुंच रही है। चारों देशों ने हीट एक्शन प्लान और पूर्व चेतावनी प्रणालियां बनाई हैं, अब अगला कदम इन्हें जमीनी सुरक्षा में बदलना है। नई दिल्ली: पूरे प्रशांत महासागर में एक अभूतपूर्व अल नीनो (El Niño) मजबूत हो रहा है, जिससे पूरे दक्षिण एशिया के सामने गर्मी का एक और गंभीर मौसम आने का…
12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर जनजातीय कार्य मंत्रालय ने भारत की जनजातीय बुनाई परंपराओं का उत्सव मनाते हुए, ट्राइफेड के सहयोग से ‘रीसा: टाइमलेस ट्राइबल’ के माध्यम से भारत की समृद्ध जनजातीय वस्त्र विरासत का प्रदर्शन किया। नई दिल्ली: भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय तथा ट्राइबल कोऑपरेटिव मार्केटिंग डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ट्राइफेड) ने 7 अगस्त, 2026 को 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित स्टेट एम्पोरिया कॉम्प्लेक्स, बाबा खड़क सिंह मार्ग में रीसा फ्लैगशिप स्टोर पर “ट्राइबल वीव्स ऑफ इंडिया” का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में ‘रीसा: टाइमलेस ट्राइबल’ के माध्यम से…
राष्ट्रपति 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह में शामिल हुई। तथा संत कबीर हथकरघा पुरस्कार और राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार प्रदान किए; भारतीय हथकरघा बुनाई पर आधारित स्मारक डाक टिकट जारी किए। नई दिल्ली: राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र (आरबीसीसी) में 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में वर्ष 2025 के संत कबीर हथकरघा पुरस्कार और राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार प्रदान किए। यह समारोह देश की समृद्ध हथकरघा विरासत का उत्सव था। इसमें देश के उत्कृष्ट हथकरघा बुनकरों के कौशल और पारंपरिक बुनाई कला के संरक्षण और संवर्धन में उनके योगदान का…
नई दिल्ली: भारत की व्यापारिक, औद्योगिक और उद्यमशील क्षमताओं को वैश्विक मंच पर स्थापित करने के उद्देश्य से कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट ) एवं इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (आईटीपीओ ) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित भारतीय व्यापार महोत्सव 2026 (बीवीएम 2026) देश के आर्थिक इतिहास में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। यह महोत्सव केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि “नए भारत की आर्थिक शक्ति, आत्मविश्वास, नवाचार और वैश्विक महत्वाकांक्षाओं का विराट उत्सव” है। आज नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए, चांदनी चौक से सांसद एवं कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने…
नई दिल्ली। भारत में जल सुरक्षा, जल संरक्षण और सतत जल प्रबंधन को नई दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित ईएडब्ल्यू ग्लोबल एक्वा एक्सपो 2026 का गुरुवार को भारत मंडपम में शुभारंभ हुआ। अर्थ वाटर फाउंडेशन द्वारा आयोजित तीन दिवसीय आयोजन “नवाचार, सतत विकास और सहयोग के माध्यम से जल के भविष्य को आकार देना” विषय पर आधारित है। एक्सपो में देश-विदेश के नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, तकनीकी विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स और जल क्षेत्र से जुड़े हितधारकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन भारत सरकार के केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी ने मुख्य अतिथि के…
नई दिल्ली: काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (सीईईडब्ल्यू) के फेलो, डॉ. नितिन बस्सी के अनुसार “मानसून के दौरान दिल्ली-एनसीटी सहित तमाम महानगरों में बार-बार सामने आने वाली जलभराव की समस्या बताती है कि घटना के बाद की प्रतिक्रिया से आगे बढ़कर रणनीतिक तरीके से जोखिम आधारित शहरी बाढ़ प्रबंधन की योजना बनाने की जरूरत है। भले ही कम समय में तेज बारिश होना एक बड़ी चुनौती है, लेकिन जल निकासी की सही व्यवस्था न होना, कचरा प्रबंधन की कमी और नदियों के आसपास (खादर) अतिक्रमण के कारण स्थिति और बिगड़ जाती है। ठाणे और नवसारी जैसे शहरों के उदाहरण…
