- उपराष्ट्रपति ने पूर्व सीएजी विनोद राय द्वारा संपादित पुस्तक ‘व्हेन ऑडिट मैटर्स’ का विमोचन किया
- राष्ट्रपति आदेश 1950 को निरस्त करने की मांग
- जनजातीय कार्य मंत्रालय और ट्राईफेड ने जनजातीय वस्त्रों, कढ़ाई और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए विशेष आरआईएसए स्टोर का शुभारंभ किया
- राजस्थान आवासन मंडल की 255वीं बोर्ड बैठक: आमजन के लिए किफायती आवास और विकास योजनाओं को मिली हरी झंडी
- अलवर में निर्बाध बिजली और पानी के लिए वन राज्यमंत्री गंभीर: अधिकारियों को ‘अलर्ट मोड’ पर रहने के निर्देश
- गोण्डा – डीआईजी ने बहराइच में परीक्षा केंद्रों का किया निरीक्षण
- गोण्डा – तेज-तर्रार पुलिसिंग पर सवालिया निशान,लाशें पूछ रहीं पुलिस से अपनी पहचान
- गोण्डा – मण्डलायुक्त संध्या संवाद कार्यक्रम के तहत 23 को करेंगी जनसुनवाई
Author: anandchoudhary
नई दिल्ली: डॉ. अरुणाभा घोष, सीईओ, काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (सीईईडब्ल्यू), ने बताया “बजट 2026 ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, शहरों और कृषि जैसे क्षेत्रों में भारतीय क्षमताओं की अगली पीढ़ी को आकार देने वाले एक मार्गदर्शक के रूप में सामने आया है। यह न केवल इसका संकेत देता है कि भारत किस दिशा में आगे बढ़ रहा है, बल्कि यह भी बताता है कि हमारे संस्थानों, बाजारों और नवोन्मेषकों को अब किस तरह से विकसित होना चाहिए। “रेयर अर्थ कॉरिडोर और सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा भारत को नीतिगत इरादों से आगे ले जाकर राज्य-स्तरीय क्रियान्वयन की दिशा में मजबूती…
केंद्रीय बजट 2026 को उच्च आकांक्षाओं और दूरदर्शी सोच वाला दस्तावेज बताते हुए चांदनी चौक से सांसद एवं कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश के घरेलू संसाधनों के बेहतर उपयोग के माध्यम से भारत को एक वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाने के संकल्प को मजबूत करता है। नई दिल्ली: एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए खंडेलवाल ने कहा कि यह पहली बार है जब एमएसएमई क्षेत्र को बजट के केंद्र में रखा गया है। उन्होंने बजट को विकसित भारत @2047 के लिए एक…
आज पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार पिछल 5 वर्षों के दौरान कृषि क्षेत्र की विकास दर अभूतपूर्व 4.4 फीसदी रही। 2024-25 में बाग़वानी उत्पादन 367.72 मिलियन टन तक पहुँच गया। ग्रामीण भारत में बुनियादी ढांचे का ऐतिहासिक विस्तार हुआ है। नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज आर्थिक सर्वेक्षण पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सर्वेक्षण के आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश कृषि और ग्रामीण विकास- दोनों मोर्चों पर अभूतपूर्व प्रगति कर रहा है।कृषि क्षेत्र में निरंतर और स्थिर…
आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार “उपभोग और निवेश के दोहरे इंजन से प्रेरित भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर के 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान। वित्त वर्ष 2027 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर के 6.8-7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान। जीडीपी में निजी अंतिम उपभोग व्यय बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 61.5 प्रतिशत तक पहुंचा, वित्त वर्ष 2012 से अब तक का सर्वोच्च स्तर पर। औद्योगिक सेक्टर में मजबूती के संकेत, विनिर्माण क्षेत्र में वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में 8.4 प्रतिशत की वृद्धि। सेवा क्षेत्र के लिए सकल मूल्य संवर्धन में वर्ष 2026 की पहली छमाही…
आज संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 को पेश किया गया है। जिसके बारे में, काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (सीईईडब्ल्यू) के शोधकर्ताओं ने महत्वपूर्ण टिप्पणियां की है। नई दिल्ली : विश्वास चितले, फेलो, सीईईडब्ल्यू, के अनुसार, “आर्थिक सर्वेक्षण 2025–26 ने जलवायु परिवर्तन का सामना करने के लिए अनुकूलन (एडैप्टेशन) के महत्व और इसे विकास प्रक्रियाओं में जोड़ने की आवश्यकता को दोहराया है। साथ में, अनुकूलन उपायों को बड़े पैमाने पर समर्थन देने के लिए विभिन्न तरह के वित्तीय संसाधनों की भूमिका पर भी जोर दिया है। नेशनल एक्शन प्लान ऑन क्लाइमेट चेंज (NAPCC) अपने नौ मिशनों के माध्यम से…
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय परिसर, इंदौर में आयोजित किया गया मध्य, पश्चिम, दक्षिण और दक्षिण पश्चिम क्षेत्रों का संयुक्त क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने कहा “भाषा बाधा न बने सेतु बने। इंदौर। मध्य, पश्चिम एवं दक्षिणी क्षेत्रों का संयुक्त क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन, इंदौर (मध्य प्रदेश) के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया गया। केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने की क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए कार्यक्रम में उपस्थित सोलह सौ से अधिक हिंदी कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि “हमें यह ध्यान रखना है कि भाषा बाधा न बने…
वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल फाउंडेशन के तत्वावधान में जिम्मेदार राष्ट्र सूचकांक (रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स) शक्ति और समृद्धि से परे ज़िम्मेदारी को मापने के लिए एक ग्लोबल फ्रेमवर्क का कार्य करेगा। नई दिल्ली: भारत ने वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल फाउंडेशन के तत्वावधान में डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स (जिम्मेदार राष्ट्र सूचकांक) के औपचारिक लॉन्च के साथ एक महत्वपूर्ण बौद्धिक और नीतिगत मील का पत्थर हासिल किया। यह इंडेक्स देशों का मूल्यांकन सिर्फ़ आर्थिक ताकत या भू-राजनीतिक प्रभाव से नहीं, बल्कि नागरिकों, पर्यावरण और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के प्रति उनकी ज़िम्मेदारी के आधार पर करने के लिए एक अग्रणी ग्लोबल फ्रेमवर्क प्रदान…
सीईईडब्ल्यू की एक रिपोर्ट के अनुसार “एक तिहाई भारतीय पशुपालक दूध की बिक्री नहीं करते, बल्कि पशुपालन से परिवार के पोषण, कृषि कार्यों और अन्य लाभों को महत्व देते हैं। भैंस और क्रॉस-ब्रीड नस्ल के मवेशियों को पालने वाले आधे से अधिक पशुपालक अपने मवेशियों के रोगों, मृत्यु और गर्मी से होने वाली बेचैनी पर जलवायु परिवर्तन का असर महसूस कर रहे हैं। नई दिल्ली: भारत में एक तिहाई से अधिक पशुपालक गैर-बाजारिक उपयोगों के लिए पशुपालन को प्राथमिकता देते हैं और दूध की बिक्री नहीं करते हैं। यह जानकारी काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (सीईईडब्ल्यू) के एक नए…
नई दिल्ली/भावनगर (गुजरात), केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को गुजरात के भावनगर ज़िले के पालीताणा तालुका स्थित हणोल गांव में आयोजित ‘आत्मनिर्भर हणोल महोत्सव–2026’ में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने गांव की सामूहिक भावना, समरसता और आत्मनिर्भरता की सराहना करते हुए हणोल को देश के लिए एक आदर्श मॉडल बताया। महोत्सव को संबोधित करते हुए चौहान ने कहा कि हणोल आकर उनका मन प्रसन्न और आत्मा आनंदित है। उन्होंने आमंत्रण के लिए केंद्रीय मंत्री मनसुखभाई मांडविया तथा गांव की आयोजन समिति के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हणोल एक ऐसा आदर्श…
नई दिल्ली। आज डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स के आने वाले लॉन्च पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। यह इंडेक्स वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल फाउंडेशन द्वारा जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट मुंबई, और डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर के सहयोग से लॉन्च किया जाएगा।मीडिया को संबोधित करते हुए, प्रो. जगदीश मुखी, चेयरपर्सन, वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल फाउंडेशन; जस्टिस (रिटायर्ड) अरुण कुमार मिश्रा, चेयरपर्सन (एडवाइजरी बोर्ड), वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल फाउंडेशन। कर्नल आकाश पाटिल, डायरेक्टर, डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर। सुधांशु मित्तल, सेक्रेटरी, वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल फाउंडेशन, प्रो. राजीव दासगुप्ता, जेएनयू, सुश्री हेमांग सिन्हा, प्रोजेक्ट हेड, ने रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स के उद्देश्यों और फ्रेमवर्क…
