नई दिल्ली, (5 अगस्त, 2026):
बीएलके-मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल ने अपना कम्प्रेहेंसिव लंग ट्रांसप्लांट प्रोग्राम शुरू किया है। इसी के साथ अस्पताल ने एंड स्टेज लंग डिसीज से पीड़ित मरीजों के लिए अपनी एडवांस्ड थोरेसिक सर्जरी और ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन सर्विसेज का विस्तार किया है।
यह कार्यक्रम उन मरीजों के लिए शुरू किया गया है जिनकी फेफड़ों की बीमारी इतनी बढ़ चुकी है कि दवाइयों या सामान्य इलाज से फायदा नहीं हो रहा। इसके तहत मरीजों की पूरी जांच, लंग ट्रांसप्लांट सर्जरी और ऑपरेशन के बाद लंबे समय तक देखभाल की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे इंटरस्टिशियल लंग डिजीज (ILD), सीओपीडी (COPD), पल्मोनरी फाइब्रोसिस, पल्मोनरी हाइपरटेंशन, ब्रोंकिएक्टेसिस और फेफड़ों की अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को लाभ मिलेगा, जिनकी वजह से सांस लेने में परेशानी होती है और जीवन की गुणवत्ता प्रभावित होती है।
लंग ट्रांसप्लांट (फेफड़ा प्रत्यारोपण) आधुनिक चिकित्सा की सबसे जटिल प्रक्रियाओं (कॉम्प्लेक्स प्रोसिजर) में से एक है, जिसके लिए अनेक विशेषज्ञों के बीच समन्वित सहयोग आवश्यक होता है। इसकी सफलता केवल ट्रांसप्लांट सर्जरी पर नहीं, बल्कि पेशेंट सेलेक्शन, डोनर ऑर्गन इवैल्यूएशन, एडवांस्ड क्रिटिकल केयर, इन्फेक्शन मैनेजमेंट, रीहैबिलिटेशन और पूरी जिंदगी फॉलो-अप पर भी निर्भर करती है।
लंग ट्रांसप्लांट एक सर्जिकल प्रोसिजर है, जिसमें रोग से प्रभावित एक या दोनों फेफड़ों को हेल्दी डोनर के फेफड़ों से रिप्लेस किया जाता है। इसकी सलाह आमतौर उन चुने हुए मरीजों को दी जाती है, जिन्हें एंड-स्टेज लंग डिसीज है और इलाज के उपलब्ध तरीकों से लाभ नहीं मिल पाता है। इनमें एडवांस्ड आईएलडी, सीओपीडी, पल्मनरी फाइब्रोसिस, पल्मनरी हाइपरटेंशन तथा धीरे-धीरे सांस लेने की क्षमता एवं जीवन की गुणवत्ता पर असर डालने वाले फेफड़ों के अन्य असाध्य रोग शामिल हैं।
बीएलके-मैक्स हॉस्पिटल का कम्प्रेहेंसिव लंग ट्रांसप्लांट प्रोग्राम थोरैसिक सर्जरी एवं लंग ट्रांसप्लांटेशन के सीनियर डायरेक्टर – डॉ. प्रमोज जिंदल के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है। उनके साथ थोरेसिक सर्जन्स, पल्मनोलॉजिस्ट्स, ट्रांसप्लांट विशेषज्ञों, इंटेंसिविस्ट्स, कार्डियक एनेस्थेटिस्ट्स, रीहैबिलिटेशन एक्सपर्ट्स, फिजियोथेरेपिस्ट्स, संक्रामक रोगों के विशेषज्ञों, विशेष प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ तथा ट्रांसप्लांट को-ऑर्डिनेटर्स की मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम काम कर रही है। यह इंटीग्रेटेड टीम ट्रांसप्लांट के लिए इवैल्यूएशन करने से लेकर सर्जरी, रिकवरी तथा लंबी अवधि में मॉनिटरिंग की व्यवस्था संभालती है।
कार्यक्रम की शुरुआत पर डॉ. प्रमोज जिंदल, सीनियर डायरेक्टर, थोरैसिक सर्जरी एवं लंग ट्रांसप्लांटेशन, बीएलके-मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, ने कहा, “एंड-स्टेज लंग डिसीज से पीड़ित मरीजों के जीवन में एक ऐसा समय आता है जब दवाइयां, ऑक्सीजन थेरेपी और अन्य सहायक उपचार फेफड़ों की कार्यक्षमता बनाए रखने में सक्षम नहीं रह जाते हैं। ऐसे मरीजों के लिए लंग ट्रांसप्लांट ही एकमात्र ऐसा प्रभावी उपचार रह जाता है, जो जीवन को लंबा एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने में सक्षम है। हमारे कम्प्रेहेंसिव लंग ट्रांसप्लांट प्रोग्राम में स्पेशलाइज्ड सर्जिकल विशेषज्ञता, एडवांस्ड क्रिटिकल केयर इन्फ्रास्ट्रक्चर, ईसीएमओ सपोर्ट और मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम को साथ लाया गया है, जिससे मरीजों को एक ही छत के नीचे संपूर्ण ट्रांसप्लांट केयर मिल सके।”
बीएलके-मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में वाइस प्रेसिडेंट, हॉस्पिटल ऑपरेशंस एवं यूनिट हेड, डॉ. सुहास परनामी, ने कहा, “कम्प्रेहेंसिव लंग ट्रांसप्लांट प्रोग्राम की शुरुआत बीएलके-मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक लोगों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लंग ट्रांसप्लांट के लिए केवल चिकित्सकीय विशेषज्ञता ही नहीं, बल्कि मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर, विभिन्न विशेषज्ञों के बीच समन्वय तथा सुव्यवस्थित क्रिटिकल केयर सिस्टम भी जरूरी होता है। अनुभवी विशेषज्ञों, समर्पित ट्रांसप्लांट सुविधाओं तथा ईसीएमओ जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को एक ही जगह उपलब्ध कराते हुए हमारा उद्देश्य मरीजों को उनके घर के निकट ही विश्वस्तरीय और समग्र उपचार प्रदान करना है। यह कार्यक्रम उत्तर भारत में ऑर्गन ट्रांसप्लांट एवं कॉम्प्लेक्स टर्शरी मेडिकल केयर के अग्रणी केंद्र के रूप में हमारी स्थिति को और मजबूत करेगा।
“एडवांस्ड सर्जिकल ट्रीटमेंट उपलब्ध कराने के साथ-साथ इस कार्यक्रम का उद्देश्य लंग ट्रांसप्लांट के मामलों में सही समय पर रेफर किए जाने के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। प्रोग्रेसिव लंग डिसीज के बहुत से मरीज एडवांस्ड स्टेज में भी दवाओं के दम पर ही इलाज कराते रहते हैं, जिससे ट्रांसप्लांट इवैल्यूएशन के लिए रेफर करने में देरी हो जाती है। ट्रांसप्लांट के लिए पात्र मरीजों की समय रहते पहचान होने से सर्जरी से पहले उन्हें बेहतर तरीके से तैयार किया जा सकता है और ट्रांसप्लांट के नतीजों को बेहतर करने में मदद मिल सकती है। इस प्रोग्राम को डेडिकेटेड ट्रांसप्लांट आईसीयू, एडवांस्ड मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर तथा एक्स्ट्राकॉर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजनेशन (ईसीएमओ) जैसी उन्नत सुविधाओं के माध्यम से सपोर्ट दिया गया है। ईसीएमओ एक अत्याधुनिक जीवन-रक्षक प्रणाली (एडवांस्ड लाइफ-सपोर्ट सिस्टम) है, जो सांस संबंधी गंभीर समस्या से जूझ रहे मरीजों में अस्थायी रूप से फेफड़ों का कार्य करती है। फेफड़ा प्रत्यारोपण से पहले, प्रत्यारोपण के दौरान तथा उसके बाद चुनिंदा मरीजों को लाइफ सपोर्ट देने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
कम्प्रेहेंसिव लंग ट्रांसप्लांट प्रोग्राम की शुरुआत से बीएलके-मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की एडवांस्ड थोरैसिक सर्जरी, अंग प्रत्यारोपण तथा क्रिटिकल केयर सर्विसेज की क्षमता और अधिक मज़बूत होगी। इससे सांस संबंधी गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को उनके शहर में ही स्पेशलाइज्ड ट्रीटमेंट मिल सकेगा।

